सीएए पर अमल (CAA)
सीएए पर अमल इसकी लंबे समय से प्रतीक्षा थी कि नागरिकता संशोधन कानून यानी सीएए कब अमल में आएगा, क्योंकि जनवरी 2020 में राष्ट्रपति की मुहर लगने के साथ यह कानून अस्तित्व में आ गया था। चार वर्ष की देरी के बाद यह प्रतीक्षा पूरी होने जा रही है. क्योंकि गत दिवस केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने स्पष्ट किया कि आगामी लोकसभा चुनाव के पहले इस कानून के नियम अधिसूचित कर दिए जाएंगे। अच्छा होता कि यह काम और पहले कर दिया जांता, क्योंकि बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान के जो अल्पसंख्यक जान बचाकर भारत आने में सफल रहे, वे यहां की नागरिकता पाने का इंतजार कर रहे हैं। उनकी संख्या अच्छी-खासी है। वे अल्पसंख्यक होने के कारण ही इन तीनों देशों में प्रताड़ित किए गए। उनके पास प्रताड़ना से बचने के लिए भारत आने के अलावा और कोई उपाय नहीं था। 2019 में नागरिकता कानून में जैसे संशोधन किए गए, वैसे संशोधन करने की मांग एक समय कांग्रेस एवं कुछ और दलों के नेताओं ने भी की थी, लेकिन जब वांछित संशोधन कर दिए गए तो विपक्षी दलों ने आसमान सिर पर उठा लिया। इन दलों ने लोगों और विशेष रूप से मुसलमानों को बरगलाने एवं उकसाने में कोई...