1919 ई. का भारत शासन अधिनियम
भारतीयों को स्वशासन देने की दिशा में या स्थाई संस्थाओं का विकास क्रमित या भारत उत्तेर्दायी सरकार की स्थापना करने या संसदी प्रणाली की करने के लिए ब्रिटिस ने यह अधिनियम पारित किया क्योकि यह मांटेग्यू चेम्सफोर्ड के प्रयास से यह पारित हुआ , इसी लिए इसे मांटेग्यू चेम्सफोर्ड सुधार के नाम से जाना जाता है ,20 अगस्त 1917 ई . को इसके प्रस्तावना की घोषणा हुई इस एक्ट को अगस्त प्रस्तावना या अगस्त घोषणा पत्र के नाम से जाना जाता है | इसकी रिपोर्ट जुलाई 1918 ई . में प्रकाशित हुई यह एक्ट 1900 ई . में बना लेकिन यह क्रिया नविन 1921 ई . में किया गया इसकी निम्नलिखित विशेषता है - 1. केन्द्रीय विधान मंडल को द्विसदनात्मक बना दीया गया- ( a ) उच्च सदन को - राज्य परिषद् (कार्य काल 5 वर्ष , कुल सदस्य 60 ) ( b ) निम्न सदन - विधान सभा (कार्य काल 3 वर्ष , कुल सदस्य 146 ) 2 . प्रम्तिय विधान मंडल में कुछ सदस्य जनता के द्वारा चुन कर आने लगे , इस प्रकार प्रतक्ष्य निर्वाचन की नीव पड़ी | 3. इस अधिनियम ने भारत में ...