तुगलक वंश

 मुहम्मद बिन तुगलक (1325ई. -1351ई. तक ):-





* मुह्म्म्द बिन तुगलक  दिल्ली के सभी सुल्तानो में सर्वाधिक कुसाग्र बुद्धि संपन्न , धर्म निरपेक्ष ,व कला प्रेमी एवंम अनुभवी सेना पति था |
*  मुह्म्म्द बिन तुगलक को धनवानों का राजकुमार भी कहा जाता है |
*इसने के अभियान चलवाया था जो निम्नलिखित है -

खुरासान अभियान :-

चौथी योजना के अंतर गत  मुहम्मद बिन तुगलक खुरासान अभियान का उल्लेख किया खुरासन को जीतने के लिए  मुह्म्म्द बिन तुगलक ने 70 हजार विशाल सेना को तैयार करवाया और अपने सैनिको को एक वर्ष का अग्रिम वेतन भी दे दिया परन्तु राजनैतिक परिवर्तन के कारन दोनों देशो के बिच समझोता हो गया जिससे सुलतान की यह योजना असफल रही | जिससे  मुह्म्म्द बिन तुगलक को आर्थिक क्षति हुई |

कराचिन का अभियान :-

मुह्म्म्द बिन तुगलक कराचिन के अभियान के अंतर्गत खुसरो मलिक के नेतृत्व में एक विशाल सेना पहाड़ी राज्यो को जीतने के लिए भेजा परन्तु उसकी पूरी सेना जंगली राज्यों में भटक गयी इतहास कार इब्न बतूता के अनुसार केवल तीन अधिकारी बाख कर वापस आ सके 
note :- अपनी महत्वा कांक्षी असफलताओ ,योजनाओ के कारन मुह्म्म्द बिन तुगलक को असफलता का राजकुमार कहा जाता है 
*अफ़्रीकी (मोरक्को ) इब्न बतूता 1333ई. मुह्म्म्द बिन तुगलक के समय भारत आया था |
इसे सुलतान अपने राजदूत के रूप में चीन भेजा | इब्न बतूता की एक पुस्तक रेहला मुह्म्म्द बिन तुगलकके समय की पुस्तक है जो मुह्म्म्द बिन तुगलक के समय के घटनाओं का वर्णन है यह अरबी भाषा में लिखा गया है तुगलक की मृत्यु 20 मार्च 1351 ई.  में सिंध जाते समय थट्टा के निकट गोदान नामक ग्राम में हो गई | 

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